देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाना हमारी पहली चुनौती है : डॉ उदित राज - News Desktops

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Tuesday, October 20, 2020

देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाना हमारी पहली चुनौती है : डॉ उदित राज




अनुसूचित जाति जनजाति संघठनो के अखिल भारतीय परिसंघ राजस्थान की ऑनलाइन मीटिंग आयोजित की गई जिसके मुख्य अतिथि परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व लोकसभा सांसद डॉ उदितराज रहे वहीं विशिष्ट अतिथि परिसंघ के राष्ट्रीय महासचिव ओम सुधा रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान परिसंघ के अध्यक्ष अशोक सामरिया ने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ उदितराज ने कहा कि देश के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों के आयाम पुनः स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं राजस्थान परिसंघ के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि राजस्थान में प्रदेश के लोगों के लोकतांत्रिक मूल्यों को संरक्षित करें। आम जनता के अधिकारों के लिए लड़ें उन्हें न्याय दिलाएं। परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सामरिया ने कहा कि हम राजस्थान में संगठन को दिन प्रतिदिन मजबूत कर रहे हैं। एससीएसटी वर्ग के लोगों को संगठन से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को न्याय दिलाने का काम हम करेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ रनजीत मीणा ने कहा कि परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय स्तर पर समाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं उसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष व संगठन के सभी पदाधिकारियों को बधाई। डॉ मीणा ने कहा कि प्रदेश में एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के पद बड़े लंबे समय से रिक्त है इसलिए इन रिक्त पदों को भरने के लिए आप एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखें। डॉ रनजीत मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ उदितराज अगले एक दो माह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर राजस्थान के पदाधिकारियों के साथ मिलेंगे। 



राजस्थान परिसंघ निजीकरण के खिलाफ अगले सप्ताह से प्रदेश स्तर पर एक आंदोलन चलाएगा जिसके तहत सभी जिला अध्यक्ष अपने अपने जिले में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। हाथरस पीड़िता सहित देश भर में दलित व आदिवासी महिलाओं के साथ हुए अत्याचार को लेकर संगठन ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। मीटिंग में प्रदेश मीडिया प्रभारी भूरी सिंह चौधरी, जिला अध्यक्ष भरतपुर राजेन्द्र सिंह  मीणा, संरक्षक भूपेन्द्र सिंह मीणा, प्रताप सिंह, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ लीना, महेंद्र शारदा, एम एल राशु,  मनीषा खींची, गणेश सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ सुनील खींची ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

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