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Sunday, September 20, 2020

भरतपुर - आरबीएम में दूरबीन से सर्जरी और कैंसर मरीजों के होंगे ऑपरेशन


भरतपुर। (आपनो भरतपुर) आरबीएम की नई बिल्डिंग में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर रविवार को शुरू हो गया जहां अब पहली बार दूरबीन (लेप्रोस्कॉपी) से छोटे चीरे के ऑपरेशन शुरू होंगे। साथ ही कैंसर के मरीजों के भी ऑपरेशन हो सकेंगे। ऑपरेशन की पुरानी पद्धति बड़े चीरा लगाकर करने की रही है जिसमें मरीज को कष्ट ही नहीं होता बल्कि कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। वह जल्दी सामान्य रूप से घूम फिर भी नहीं सकता और ना ही अपने काम धंधे पर जा पाता है।



ऐसे में ऑपरेशन की पुरानी पद्धति अब प्रचलन में बहुत कम रह गई है। वर्तमान में लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन आसान हैं जो मरीज को ज्यादा तकलीफ देने वाला नहीं है। आरबीएम अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन लग चुकी है, जहां अब सर्जरी आसान रहेगी। इसके जरिए मरीज की पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन छोटा चीरा लगाकर किया जा सकेगा।

इसके अलावा अपेंडिक्स में सूजन, हर्निया एवं डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी आदि के ऑपरेशन भी हो सकेंगे जिसमें मरीज को कम दर्द होगा और छोटा चीरा लगाकर बीमारी को दूर किया जा सकेगा। मरीज को जल्दी अस्पताल से छुट्टी मिलेगी और वह ठीक होकर घर पहुंच जाएगा। वह अपने काम धंधे पर भी जल्दी सामान्य व्यक्ति की तरह जा सकेगा। इसके अलावा कैंसर की सर्जरी भी हो सकेगी।

लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन के दौरान पेट पर एक या चार छेद कर हार्निया, एपेंडिक्स, ट्यूमर व पथरी का सफल ऑपरेशन किया जाता है। इसमें समय कम लगता है और खून की भी जरूरत न के बराबर होती है। दूरबीन विधि का एक अन्य लाभ यह है कि इसमें पेट में चीरा व टांके नहीं लगते और सिर्फ एक छेद नाभि में होने से पेट कटने के कोई निशान भी नहीं आते। ऑपरेशन के चार से पांच दिन बाद से महिला घर का काम कर सकती है। 



 अब होगी लेप्रोस्कॉपी सर्जरी व कैंसर सर्जरी : पीएमओ


आरबीएम की नई बिल्डिंग में लेप्रोस्कोपी मशीन लगाई जा चुकी है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में पहली बार लेप्रोस्कॉपी सर्जरी और कैंसर सर्जरी हो सकेगी। जिसमें मरीज के छोटा चीरा लगाकर बीमारी दूर कर दी जाती है।मरीज को जल्दी ठीक होने पर घर भेज दिया जाता है और अस्पताल में अधिक समय तक भर्ती होने की जरूरत नहीं रहती है। - डॉ नवदीप सैनी पीएमओ

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