बयाना - हैवानियत: तीन साल की मासूम के साथ बलात्कार - News Desktops

Breaking

Friday, April 3, 2020

बयाना - हैवानियत: तीन साल की मासूम के साथ बलात्कार



बयाना। अभी वो बोलना भी कहां सीखी थी...सिर्फ पापा बोलना ही जानती थी, उसका कसूर भी क्या था...जो 21 साल के दरिंदे ने उस तीन साल की मासूम को ही हैवानियत का शिकार बना डाला। बच्ची की मां बार-बार यह कहकर दहाड़ें मारकर रोती रही। उसे देख वहां मौजूद हर शख्स बिलख उठा। हुआ यूं कि थाने के एक गांव निवासी तीन वर्षीय मासूम बच्ची जो ठीक से बोलना तक नहीं जानती उसे नही पता था कि गोद मे खिलाने के बहाने ले जाने वाला ही दरिंदा बन जाएगा। आरोपी ने दरिंदगी की हद पार कर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है। घटना को लेकर पीडि़ता के पिता ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल कराकर आरोपी को गिरफ्तार किया है । 
जानकारी के अनुसार तीन वर्षीय मासूम के माता-पिता गुरुवार सुबह अपने खेत पर गेहूं की फसल काटने गए हुए थे। माता-पिता बच्ची को उसकी ताई के पास घर पर छोड़ गए थे। आरोपी रोहिताश पुत्र भरोसी जाटव घर आया और मासूम पीडि़ता को गोद में लेकर खिलाने के बहाने अपने घर ले गया। वहां मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाते हुए बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। शाम को करीब पांच-छह बजे खेत से लौटकर घर आए। घर में खून से लथपथ मासूम बच्ची को रोते देख घटना के बारे में उसकी ताई से पूछा। ताई ने बताया कि गांव का ही आरोपी रोहतास 21 साल पुत्र भरोसी जाटव मासूम को खिलाने के लिए अपने घर लेकर गया था उसने घटना को अंजाम दिया है। देर शाम पीडि़ता के पिता ने बयाना पुलिस थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शुक्रवार सुबह पीडि़ता का मेडिकल मुआयना कराया और गांव में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। आरोपी मजदूरी करता है और शादी भी नहीं हुई है। पीडि़ता के पिता ने बताया कि आरोपी जुआ खेलने का शौकीन है।
आखिर विश्वास में ही विष का वास...
अगर पिछले कुछ घटनाक्रमों पर नजर डालें तो सामने आता है कि ज्यादातर ऐसे प्रकरणों में परिचितों ने मासूमों के साथ ऐसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दिया है। इसलिए अब आवश्यक भी है कि बच्चों को लेकर आपको भी सावधानी बरती चाहिए। चूंकि वो कह नहीं सकते, इसलिए खुद परिजनों को चाहिए कि बच्चों को कहीं भी भेजने से पहले उस बारे में पूरी पड़ताल कर लें।
ठीक से बोल भी नहीं पाती बिटिया
मासूम केवल मम्मी और पापा ही बोल पाती है, लेकिन घटना ने उसे ताता शब्द भी निकलवा दिए। अब पीडि़ता केवल इतना ही कह पा रही है कि मम्मी- पापा... ताता। यहां ताता कहने से उसका मतलब है दर्द। ऐसे शब्दों से अपने दर्द को बयां कर रही है। घटना को लेकर परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। वे मां-बाप बार-बार कहते रहे कि काश बिटिया को साथ लेकर चले गए होते तो आज ऐसा नहीं होता।

No comments:

Post a Comment