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Tuesday, April 14, 2020

भरतपुर - संक्रमण की आशंका पर पौषाहार में बदलाव



भरतपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों की सेहत में सुधार के लिए पुन: पौषाहार के मैन्यू में बदलाव करने के आदेश राज्य सरकार ने दिए हैं। आंगनबाड़ी व इसके आसपास रहने वाली गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भी अब नए मैन्यू का पौषाहार दिया जाएगा। इन्हें साबुत गेहूं व चना की दाल दी जाएगी, जबकि इससे पहले बच्चों को पौष्टिक आहार में अन्य खाद्य सामग्री शामिल थी। लेकिन, अब गेहूं और चना देने के आदेश दिए हैं।

जिले में लगभग 2078 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां करीब 01 लाख 30 हजार बच्चों व 40 हजार गर्भवती महिलाओं सहित धात्री माताओं को बच्चों के पोषण के लिए आहार दिया जाता है। पहले खिचड़ी, दलिया, फल आदि दिया जाता था। इसके बाद मैन्यू में बदलाव के आदेश आए। इसमें दलिया, बेसन के लड्डू, केला आदि शामिल किए। यह व्यवस्था लागू हुई या नहीं, लेकिन अब पुन: बदलाव किया है।

अब केंद्रों पर खेल-खेल में शिक्षा लेने आने वाले नौनिहालों को दो किलोग्रमा गेहूं व एक किलोग्राम चना की दाल और गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं को तीन किलो गेहूं व एक किलो चना की दाल दी जाएगी। यह व्यवस्था प्रत्येक माह की जाएगी। सरकार ने यह सुविधा कोरोना संक्रमण को देखते हुए की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग भरतपुर की उपनिदेशक मोनिका बलारा का कहना है कि सरकार के निर्देश आए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं व बालिकाओं को पौष्टिक आहार के रूप में गेहूं व चना की दाल दी जाएगी। इस मैन्यू में बदलाव संक्रमण को देखते हुए किया है।

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