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Thursday, April 23, 2020

वैर - मृतकों को ही जिंदा मानकर खातों में डाल दी अनुग्रह राशि



वैर। भले ही प्रशासनिक काम ऑनलाइन हो चुके हैं लेकिन अभी भी इनमें कई विसंगतियों की वजह से सरकार को लाखों रुपए का घाटा हो रहा है। कुछ इसी तरह की गड़बड़ी का मामला अनुग्रह राशि के तहत आया है। इसमें मृतक ही नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारियों के खातों में भी राशि डाल दी गई है। अब मामला सामने आने के बाद भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि राशि की वापस वसूली का कार्य भी किया जा सके।जानकारी के अनुसार लॉकडाउन से उपजे हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत महिलाओं के जनधन खातों में 500-500 रुपए की राशि डाली है। इसी प्रकार राज्य सरकार ने कोविड-19 के तहत बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अन्त्योदय योजना के लाभार्थी, निर्माण श्रमिक एवं पंजीकृत स्ट्रीट वैंडर्स जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के दायरे में नहीं आते है, उन्हें 2500 की अनुग्रह राशि उनके खातों में डाली है। साथ ही उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को गैस सिलेंडर भराने के लिए 733.50 रुपए की राशि उनके खातों में स्थानांतरित की जा रही है। अनुग्रह राशि के तहत वैर के ग्रामीण इलाकों में मृतकों व सरकारी कर्मचारियों के खातों में राशि डालने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर विवाद उठने के बाद खुद राज्यमंत्री भजनलाल जाटव ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से जांच के लिए कहा है। ताकि मृतकों के नाम बगैर भौतिक सत्यापन राशि खातों में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
राज्यमंत्री बोले: मृतकों के नाम राशि आने की कराई जा रही है जांच
कोविड -19 अनुग्रह सूची में सरकार की ओर से दी जा रही 2500 रुपए की राशि में मृतकों के नाम भी शामिल होने के सवाल पर राज्य मंत्री भजन लाल जाटव ने बताया कि जन आधार कार्ड से सरकार ने सीधे ही उनके खातों में 2500 रुपए की राशि डाली गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई सूची ऐसी नहीं भेजी गई जिनमें मृतकों के नाम शामिल हों। यह राशि सरकार की ओर से स्वत: ही डाली गई है। इस तरह की जो लापरवाही आई है उनकी सूची मंगवाई गई है। किस प्रकार मृतकों के नाम आए हैं। उनकी जांच कराई जाएगी। किसी की गलती होगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह विसंगतियां आई सामने 
1. सरला सिंह वैर में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त हो गई, इसके खाते में भी अनुग्रह राशि डाल दी गई है।
2. वैर निवासी सफेदी पत्नी सोहनसिंह भी सफाई कर्मचारी बन चुकी है लेकिन इसे भी पात्र मानकर राशि डाल दी गई है।
3. वैर निवासी मनीषा पत्नी हिम्मत सिंह के सफाई कर्मचारी नियुक्त होने के बाद भौतिक सत्यापन नहीं किया गया, बल्कि राशि डाल दी गई।
4. आठ सितंबर 2017 को बाबूलाल पुत्र हरेत की मृत्यु हो गई, इसके खाते में भी राशि हस्तांतरित कर दी गई।
5. जनवरी 2019 में शांति पत्नी मुरलीधर की मौत होने के बाद उसके खाते में राशि हस्तांतरित की गई है।
6. स्नेहलता पत्नी परशुराम के सफाई कर्मचारी बनने के बाद भी खाते में अनुग्रह राशि डाल दी गई है।
7. मदन पुत्र जोरावर धाकड़ निवासी वार्ड नंबर छह की मौत के बाद भी खाते में राशि आई है।
8. बत्तो पत्नी बदनसिंह वार्ड नंबर सात की मृत्यु के बाद भी 2500 रुपए खाते में डालने की बात सामने आई है।
इधर, सावधानी जरूरी...खातों से राशि लैप्स नहीं होगी
उपभोक्ताओं के मन में डर है कि केंद्र व राज्य सरकार ने जो सहायता राशि उनके खातों में डाली है वह लॉकडाउन खुलते ही लैप्स हो जाएगी। ऐसी अफवाहों से लोग भ्रमित हो रहे है। मगर बैंक प्रबंधन इनको समझा रहे है कि आपका पैसा सुरक्षित है। कभी भी ले सकते हो, इसके बाद भी आमजन पर कोई असर नहीं हो रहा है। वह बैंकों के आगे धूप में सटकर खड़े होकर पैसे निकाल रहे है जो गलत है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एवं घर पर रहना ही सबसे बड़ा उपाय है, लेकिन आमजन इन दोनों ही बातों को दरकिनार कर रही है। ग्रामीण इलाकों में जहां सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रखा जा रहा है, वहीं भरतपुर शहरी क्षेत्र में स्थित बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के नजारे दिख रहे हैं।a

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