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Friday, March 6, 2020

भरतपुर - बारिश के साथ ओलावृष्टि से हजारों हैक्टेयर में बरसी आफत



भरतपुर। कुदरत की मार ने किसानों को आहत कर दिया है। एक सप्ताह में तीसरी बार ओलावृष्टि और बारिश से हुई तबाही से अन्नदाता अब रोने पर मजबूर है, जहां देखो खेतों में लहलहाती फसल अब गिरकर चौपट हो चुकी है। किसानों को करीब ९८ हजार हैक्टेयर में नुकसान हुआ है। इससे अब केवल सहायता की दरकार है। क्योंकि, गुरुवार-शुक्रवार की रात और शाम को भरतपुर शहर, नदबई, कुम्हेर, रूपवास,हलैना, कामां, नगर, पहाड़ी आदि क्षेत्रों में १२ एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है।
इधर, जिले में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि को देखते हुए जिला कलक्टर ने जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों यथा उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, गिरदावरों एवं पटवारियों को अपने-अपने मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए हैं एवं जो राजस्व कर्मी अवकाश पर हैं, उनका अवकाश निरस्त कर तुरन्त प्रभाव से मुख्यालय पर उपस्थित होने के निर्देश भी दिए हैं।
जिले में २.६७ लाख किसानों ने ४.११ लाख हैक्टेयर में सरसों, गेहूं, चना, जौ व अन्य फसलों की बुवाई की है। इसमें से २.१५ लाख हैक्टेयर में से ७५ हजार हैक्टेयर में सरसों को नुकसान हुआ है। वहीं गेहूं की बुवाई १.३८ लाख हैक्टेयर में की गई है जिसमें से २१ हजार, चना ०८ हजार हैक्टेयर में है इसमें से ०२ हजार हैक्टेयर में नुकसान का अनुमान है।
वहीं अन्य फसलों में भी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुए मौसम परिवर्तन से गत २९ फरवरी को भी मौसम का कहर किसानों पर पड़ा था। इसके बाद ४ व ५ फरवरी की रात और ६ फरवरी की शाम को जिले में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों को तोड़कर रख दिया। अब जहां ९८ हजार हैक्टेयर में नुकसान का अनुमान है, वहीं बीते दिनों भी करीब ०३ हजार हैक्टेयर में नुकसान हुआ था जो अब तक ९८ हजार हैक्टेयर में हो गया है।
किसानों को अब राज्य सरकार व फसल बीमा से मिलने वाली राशि का सहारा है। एक हैक्टेयर में ५० प्रतिशत से अधिक नुकसान पर फसल बीमा के तहत बीमित किसान को २५ प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा। संबंधित किसान कृषि विभाग के कार्मिकों या सर्वे कर रहे अधिकारियों को दस्तावेज देकर सूचना दें। वहीं बची फसल को ढककर सुरक्षित रखें। इधर, जिला कलक्टर नथमल डिडेल की ओर से जिले के उपखण्ड कुम्हेर एवं कामां तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश मालव ने उपखण्ड भरतपुर एवं डीग का सघन भ्रमण कर प्रभावित काश्तकारों से सम्पर्क किया।
फसल खराबे की घटना के 72 घण्टे के अन्दर इन्श्योरेन्स कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002660700 पर खराबे के लिए आवश्यक रूप से सूचित करें एवं घटना के 7 दिन के अन्दर कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर लिखित में प्रार्थना पत्र भी जमा कराएं। इन्श्योरेन्स कम्पनी से अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार जिले में 731 आवेदन ऑनलाइन एवं लगभग 4000 आवेदन कृषि विभाग को ऑफलाइन प्राप्त हो गए हैं।

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