शर्मनाक: 22 रुपए किलो वाला आटा 34 रुपए में बेचा, दाल पर बढ़ाए 50 रुपए - News Desktops

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Saturday, March 28, 2020

शर्मनाक: 22 रुपए किलो वाला आटा 34 रुपए में बेचा, दाल पर बढ़ाए 50 रुपए



भरतपुर। कोरोना महामारी के समय लोगों की मदद करने की बजाय शहर के थोक और फुटकर किराना दुकानदारों ने मुनाफाखोरी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारी इससे बेखबर हैं। पिछले पांच दिन के अंदर मुनाफाखोरी का खेल इतना बढ़ गया है कि प्रशासन के कानों पर भी कोई जूं तक नहीं रेंग सकी है। दुकानदार, लोगों से किराना सामान की मुंहमांगी कीमत ले रहे हैं। शुक्रवार को भी यही हुआ। लॉकडाउन से पहले जो आटा 22 से 24 रुपए किलो था वह 28 से 34 रुपए किलो तक बेचा गया। दालें भी मुंहमांगी कीमत पर बेची गईं। किराना सामान अत्यावश्यक उपभोक्ता वस्तु में शामिल है। इसलिए प्रशासन ने लोगों तक किराना वस्तुओं की आसान पहुंच बनाने किराना दुकानों को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति दी है। सरकार ने अपने आदेश मेें यह भी कहा है कि कारोबारी कोरोना महामारी के समय किराना वस्तुओं की वास्तविक कीमत ही लें, लेकिन दुकानदारों ने सरकार और प्रशासन के आदेश को न मानते हुए मुनाफा कमाने के लिए कालाबाजारी शुरू कर दी है। हकीकत यह है कि जो शक्कर का भाव लॉकडाउन से पहले 35 रुपए किलो चल रहा था वह अब 45 रुपए किलो तक पहुंच गया है। चावल की कीमत में प्रति किलो पांच से छह रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा दाल 80 से 90 रुपए रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती आ रही थी वह अब 130 रुपए किलो तक पहुंच गई है। माचिस का पैकिट 15 रुपए का बिक रहा था अब वही पैकिट 25 रुपए में बिक रहा है। रिफाइंड की थैली जो 86 रुपए में मिल रही थी वह अब 97 रुपए की मिल रही है। इसके अलावा भी परचून के ज्यादातर सामानों के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
पूछने पर बोले...थोक विक्रेताओं ने बढ़ा दिए हैं दाम
जब पत्रिका टीम ने मुनाफाखोरी के इस खेल का पीछा किया तो कई चेहरे निकल कर सामने आए। बताते हैं कि जनता कफ्र्यू की घोषणा होने के तुरंत बाद ही कालाबाजारियों की ओर से शक्कर, दाल, सरसों का तेल, घी परचून के सामान का स्टॉक कर लिया गया था। जब चौबुर्जा स्थित एक परचून विक्रेता से उड़द की दाल का भाव पूछा तो 130 रुपए प्रति किलो बताया। जब उससे अचानक चार रुपए की बढ़ोतरी का कारण पूछा तो उसने थोक विक्रेता के पास ही बढ़ी कीमत में माल आना बताया। हकीकत यह है कि शहर में जिस भी परचून के व्यापारी से बात की जाए वह थोक विक्रेता का रोना रो रहा है। जब थोक विक्रेता से बात की जाए तो वह पीछे से ही महंगा माल आना बताता है।
उपखंड अधिकारियों से शिकायत फिर नहीं निकला हल
लॉकडाउन के दौरान मुनाफाखोरी की हर दिन संबंधित उपखंड अधिकारियों की जा रही है, लेकिन शिकायतों का भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि हर दिन हजारों परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर संकट व कमाई शून्य रह गई है। ऐसे में उन पर मुनाफाखोरी एक और कुठाराघात से कम नहीं दिखाई दे रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संबंधित एसडीएम से ऐसे प्रकरणों की शिकायत कर सकते हैं।

ध्यान रखें...उपभोक्ता यहां करें शिकायत
कोरोना वायरस संक्रमण को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए जिला स्तर पर गठित वार रूम एवं जिला तथा उपखण्ड स्तर पर बने नियंत्रण कक्षों में इन प्रभारी अधिकारियों से सम्पर्क किया जा सकता है।
जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष: 
कलेक्ट्रेट परिसर जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक बी.एल. मीणा 9414364625 05644-220320
सीएमएचओ कंट्रोल रूम डॉ. लखपत सिंह 9660445727 05644-223660
कोरोना सेल तहसीलदार (चुनाव) मोहकम सिंह 9950540470 05644-225081
कोरोना वार रूम अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन नरेश कुमार मालव 9680598666, 05644-220388
पुलिस कंट्रोल रूम उपाधीक्षक पुलिस शेर सिंह 9413252301, 05644-225570, 223929
उपखण्ड स्तरीय नियंत्रण कक्ष=
कुम्हेर सीडीपीओ महेन्द्र अवस्थी 9413113435
डीग जेईएन केशव वर्मा 9458409309 05641-220018
नगर मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मान सिंह 9784532324
कामां लेखाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद खण्डेलवाल
सुबह 6 से सायं 6 बजे तक 9414974672 05640-250496
पंचायत प्रसार अधिकारी सुरेश चन्द्र शर्मा
सायं 6 से सुबह 6 बजे तक 9057079175
नदबई प्रोग्रामर विकास शर्मा 7340034571 05643-275411
वैर सीडीपीओ वैर 9887486510 05643-272825
रूपवास सीबीईओ निरपत सिंह 9001984800 05645-273960
पहाड़ी सीबीईओ नत्था सिंह 7425058761 05640-258040
भुसावर वरिष्ठ अध्यापक शेर सिंह 9460738368, 9530316147

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