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Friday, January 17, 2020

वैर - साहित्यकार सम्मान व काव्य गोष्ठी आयोजित



वैर। डॉ रांगेय राघव की जयन्ती समारोह बृज विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ मानसिंह मीना के मुख्यातिथ्य एवं प्राचार्य सुरेश जाट की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
श्री आर आर पी जी महाविद्यालय कार्यक्रम में 51साहित्यकार रचनाकार एवं पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
जिन्हें शॉलओढ़ाकर प्रशस्ति पत्र स्मृतिचिन्ह से नवाजा गया।
तथा काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
अतिथियों द्वारा मां सरस्वती व डॉ रांगेय राघव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व माल्यार्पण कर शुभारम्भ किया गया।प्राचार्य डॉ श्रोतिय ने अपने उदवोदन मे बताया कि डॉ रांगेय राघव का जन्म 17 जनवरी 1923 को आगरा में हुआ। 
दक्षिणाय ताताचार्य के कुल में वैर निवासी तिरूमल्लै नम्बाकम रंगाचार्य की पत्नि कनकवल्ली ने तीसरे पुत्र रत्न को जन्म दिया। 
जिसका नाम पप्पू रखा। जबकि जन्मपत्री में नाम राममूर्ति था  और माता पिता ने वीर राघव नाम रखा।
इस प्रकार पूरा नाम तिरूमल्ले नम्बाकम वीर राघव आचार्य  बना।  1949 में गोरखनाथ और उनका उनका युग विषय पर शौध कर डाक्टर की उपाधि ली। बचपन से ही पप्पू को कविता व चित्रकला का शौक था। 
15 बर्ष की आयु में एक लम्बी कविता मेनका लिख डाली तथा 8 वर्ष के अल्पकाल में ही डॉ राघव द्वारा 150 कहानी उपन्यास व कविताएं लिख डाली गयी। 
जिनमें कॉलेज पृष्ठभूमि पर पहला मौलिक उपन्यास घरौंदे ने वीर राघव को साहित्यकार के रूप में मान्यता दिला दी।
आज कस्बे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में लगी एक प्रतिमा के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है।

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