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Tuesday, January 14, 2020

भरतपुर जिले में पहली अविश्वसनीय घटना,हरियाणा से शॉर्प शूटर हिमांशु को बुलाकर कराई विजयपाल की हत्या




नदबई। हरियाणा के शॉर्प शूटर और सुपारी किलर अब भरतपुर जिले में भी आकर वारदात कर रहे हैं। नदबई के मांझी गांव में रविवार रात हुई हिस्ट्रीशीटर विजयपाल सिंह की हत्या के लिए भी हरियाणा के बल्लभगढ़ से शॉर्प शूटर हिमांशु पुत्र देवेंद्र सिंह को बुलाया गया था। 
हिमांशु के किसी गैंग से तार जुड़े होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह सुपारी किलर बनने की कोशिश कर रहा है। उसने मथुरा में भी कई बार फायरिंग की घटनाएं की हैं। फिलहाल पुलिस ने रविवार रात को ही 7 टीमों में करीब 200 पुलिस कर्मी लगाकर 4 आरोपियों को रात 2.30 बजे ही गिरफ्तार कर लिया। 
पकड़े गए आरोपियों में हिमांशु के अलावा नदबई के मांझी गांव निवासी योगेंद्र उर्फ मास्टर पुत्र श्याम सिंह, रोहतान पुत्र किशन सिंह और नदबई निवासी मोहित उर्फ मोनू पुत्र खेमचंद हैं। इनमें मृतक विजयपाल सिंह के खिलाफ जयपुर के शिप्रा पथ थाने में 24 मामले दर्ज हैं। 
इनमें माफियागिरी, फिरौती, रंगदारी मांगने जैसे कई मामले हैं। वह 7 दिन के पहले ही जेल से छूटकर आया था। वहीं पकड़े गए हत्यारोपी रोहतान सिंह के खिलाफ नदबई थाने में 14 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक रिवॉल्वर और एक 315 बोर का कट्टा भी बरामद किया है। 

इलेक्शन कनेक्शन..मृतक विजयपाल की पत्नी गीता और हत्यारोपी ओमवीर ने भरा सरपंच का नामांकन 

पिकनिक ढाबे पर रची थी हिस्ट्रीशीटर की हत्या की साजिश 

एसपी हैदरअली जैदी ने बताया कि दोनों पक्षों में पुरानी आपसी रंजिश चली आ रही थी। दोनों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट के मामले भी दर्ज हैं। 
लेकिन, जैसे ही यह हत्या की वारदात हुई तो तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस लाइन से अतिरिक्त स्टाफ भेजकर रात को ही 7 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गईं। घटना के करीब 8 घंटे बाद ही रात 2.30 बजे तक 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले विजयपालसिंह ने अपने ही गांव के श्यामसिंह के साथ मारपीट की थी। 
तभी से श्याम सिंह और उसके परिवार के लोग बदला लेने के प्रयास में थे। इसीलिए अभियुक्त रोहतान और योगेन्द्र ने हरियाणा से शार्प शूटर हिमांशु को बुलाया। श्यामसिंह के पिकनिक ढाबे पर नौकर मोहित शर्मा और अन्य के साथ मिलकर विजयपाल सिंह की हत्या का षडयंत्र रचा गया। 
इसके बाद अभियुक्तों ने पीछा करते हुए रविवार 12 जनवरी की शाम 7 बजे नदबई कस्बे में मिठाई वाले की दुकान के पास विजयपाल सिंह को घेर लिया और गोली मारकर हत्या कर दी। 

4 अन्य आरोपियों की तलाश है 

विजयपाल सिंह की हत्या के लिए पीड़ित पक्ष की ओर से मामला दर्ज कराया गया है।
इसमें कई लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से 4 योगेंद्र, रोहतान, मोहित और हिमांशु पकड़े जा चुके हैं। कपिल, ओमवीर, शंकर और आकाश की तलाश जारी है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक अभियुक्त रोहतान ने सिर में सिर में सरिया मारा। जबकि शंकर और आकाश ने लाठियां मारीं। ओमवीर, कपिल और योगेन्द्र ने विजयपाल में गोली मारी। 
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस षड्यंत्र में श्याम, दिगंबर, धर्मवीर, मेघसिंह और प्रवीण पंडित भी शामिल हैं। 

विजयपाल भी लड़ना चाहता था पंचायत चुनाव 

पंचायतीराज चुनाव 2020 के दूसरे चरण के लिए सोमवार को मृतक विजय पाल सिंह की प|ी गीता और हत्यारोपी पक्ष के रोहतान सिंह के बेटे ओमवीर सिंह ने ग्राम पंचायत बहरामदा से सरपंच के लिए नामांकन-पत्र दाखिल किए। 
इनमें आरोपी पक्ष के ओमवीर सिंह का नाम पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में हत्यारोपी के रूप में लिखा लिखवाया गया है। वहीं मृतक विजयपाल सिंह भी खुद बहरामदा से सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। जेल से छूटने के बाद इसीलिए वह अपने गांव आया था। 

मृतक के घर से जाब्ता हटाए जाने लगा तो पुलिस की गाड़ियों के सामने आकर बहन ने किया विरोध 

विजयपाल सिंह की बहन सवाई माधोपुर में जिले में कांस्टेबल है। रविवार रात्रि हत्या के बाद दोनों पक्षों के घरों पर पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया था। 
लेकिन, हत्या आरोपियों को पकड़ लिए जाने के बाद जब सोमवार रात्रि को विजयपाल के घर से जाब्ता हटाने लगे तो उसकी बहन पुलिस की गाड़ियों के आगे बिफर गई और जाब्ता हटाए जाने का विरोध करने लगी। बाद में पुलिस ने समझाइश कर जैसे-तैसे विजयपाल के घर से तो जाब्ता हटा लिया। लेकिन, गांव में पुलिस बल अभी तैनात है। 

इस तरह पकड़े गए हत्या के चार आरोपी 

डीआईजी लक्ष्मण गौड़ के निर्देश पर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ अलवर जिले में भी नाकाबंदी कराई गई। 
मौके से पकड़े गए अभियुक्त मोहित ने बाकी मुल्जिमों के नाम बता दिए थे। 
इसलिए एडिशनल एसपी डॉ. मूल सिंह राणा और सीओ ग्रामीण परमाल सिंह के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गईं। 
इसमें साइबर सेल और डॉग स्क्वायड सेल की भी मदद ली गई। पुलिस ने मांझी और सिरसई के खेतों में कांबिंग करते हुए देर रात योगेंद्र और रोहतान को पकड़ लिया गया। 
जबकि हिमांशु को बरबारा, गेहरी और हरनेरा के जंगलों से पकड़ा गया।

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