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Monday, January 13, 2020

भरतपुर - सकट चौथ आज, चंद्र दर्शन का इंतजार रात 8.53 बजे तक



भरतपुर। सकट चौथ सोमवार को मनाई जाएगी इस मौके पर महिलाएं करवा चाैथ की तरह दिन भर निर्जला व्रत रखेंगी और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगी और चंद्रमा के दर्शन और अर्घ देने के बाद ही भोजन करेंगी। 
चंद्र दर्शन के लिए महिलाओं को रात 8.53 मिनट तक इंतजार करना होगा। किंतु इसके लिए मौसम का साफ रहना भी जरूरी है। 
वैसे रविवार को पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने और बंगाल की खाड़ी से चल रही हवाएं मंद पड़ गई हैं। इसलिए बादल छंट गए हैं, लेकिन मौसम में कभी भी बदलाव आ सकता है, क्योंकि सूर्यदेव मकर राशि की ओर बढ़ रहे हैं। 
इस व्रत को तिल कुटा व्रत भी कहा जाता है क्योंकि व्रती महिलाएं गुड और तिल से बने पकवान तिल कुटा का गणेश जी को भोग लगाने के बाद व्रत खोलेंगी। 
उल्लेखनीय है कि सकट चौथ गणेश जी को समर्पित व्रत है। मान्यता है कि संतान की समृद्धि और सफलता के लिए मनाया जाता है। 
इस व्रत को करने से संतान को रिद्धी-सिद्धी की प्राप्ति होती है। उनके जीवन में आने वाले कष्ट को गणेश जी हर लेते हैं। 

कल रात 2 बजकर 6 मिनट पर उत्तरायण होंगे सूर्यदेव 

मकर संक्रांति त्यौहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 
क्योंकि सूर्य देव 14 जनवरी रात 2:06 बजे उत्तरायण होंगे यानि सूर्य चाल बदलकर धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का पर्व संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी सुबह से शुरू होगा। पुण्य काल यह सुबह 7:21 से शाम 5:53 बजे तक रहेगा। 
पंडित राम भरोसी भारद्वाज ने बताया कि सूर्य बारह राशियों में भ्रमण करते हुए धनु राशि में प्रवेश करेंगे और 14 जनवरी रात तक यहीं रहेगा। मकर संक्रांति के दिन तिल से निर्मित वस्तुओं के दान का खास महत्व बताया गया है। 
मुख्य रूप से अन्न दान, तीर्थ स्नान, गंगा स्नान आदि करना चाहिए। 
मंदिरों सहित गरीब, निर्धन और निराश्रित लोगों को कपड़े, भोजन, कंबल आदि और गायों को हरा चारा दान करके पुण्य कमाएंगे। 
इस पर्व के दिन से धीरे-धीरे दिन बड़े व रातें छोटी होने लगती लगेंगी।

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