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Wednesday, October 16, 2019

पहाड़ी - ट्रक चालक शरीफ को आतंकियों ने मारी गोली,तीन बेटियों के सर से उठा पिता का साया

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पहाड़ी। राकिब खान।थाना क्षेत्र के गांव उभाका का निवासी शरीफ खान ट्रक लेकर जम्मू कश्मीर सेव लेने गया था जहां पर आतंकियों ने शरीफ पुत्र नूरमोहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी। शरीफ के शव को प्रशासन द्वारा दिल्ली लाया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से देर रात्रि को पहाड़ी तहसीलदार रामकुमार कंजर शव लेकर पहाड़ी पहुंचे उससे पूर्व ग्रामीण लोगों ने उपखंड अधिकारी जगदीश आर्य को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन देकर मृतक के परिवारजनों को शहीद का दर्जा देने की मांग की गई।  जिसको लेकर ग्रामीण लोग ने शव ला रहे तहसीलदार को रास्ते में तिलकपुर गांव के समीप रोक लिया और शव को वापस पहाड़ी भिजवा दिया। 

आज बुधवार सुबह जैसे ही ग्रामीण लोग इकट्ठा हुए तो तहसीलदार,नायब, पहाड़ी थाना अधिकारी व सीओ साहब मौके पर पहुंचे और राज्य सरकार अधिनियम के तहत मांगे पूरी करने का आश्वासन देते हुए शव का अंतिम संस्कार करने की ग्रामीणों से समझाइश करने लगे। जहां ग्रामीणों ने अपनी माँगो को रखते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।

मृतक शरीफ के परिचालक ने बताया घटनाक्रम।

इकराम पुत्र रमजान मेव गांव मलहका निवासी थाना तावडू जिला नूह हरियाणा निवासी शरीफ के परिचालक ने बताया कि वह दोनो सोमवार को ट्रक मालिक रुकमुद्दीन काटपुरी निवासी की गाड़ी को लेकर जम्मू कश्मीर के सोपियां सेव भरने के लिए गए थे जहां शेव भरते समय शरीफ गाड़ी के सामने खड़ा होकर परिवारजनों से फ़ोन पर बात कर रहा था और मैं गाड़ी के अंदर बैठा था तो अचानक से दो आतंकवादी आए जिन्होंने ने शरीफ पर हमला बोल दिया शरीफ को जबरन गाड़ी के अंदर पटक दिया और मैं पहले से ही गाड़ी के अंदर मौजूद था दोनों आतंकवादियों ने हमें गाड़ी रोड पर ले जाने के लिए कहा शरीफ गाड़ी चलाने लगा और मैं सूझबूझ से गाड़ी से कूदकर भाग निकला जान बचाकर एक निवासी के मकान में छुप गया कुछ देर बाद देखा तो रोड पर गाड़ी खड़ी हुई है जिस में आग लग रही है तो गाड़ी के पास जाकर देखा तो वहां से सूचना मिली कि शरीफ थाने में है मैं थाने पहुंचा तो वहां शरीफ मृत अवस्था में मिला मैंने परिजनों को फोन पर घटना की सूचना दी।

आर्थिक तंगी के चलते बड़ी बेटी ने छोड़ी थी पढ़ाई।
शरीफ खान परिवार में अकेला कमाने वाला था उसकी आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण बड़ी बेटी 15 वर्षीय तस्लीमा ने कक्षा आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी 12 साल की दूसरी बेटी मुस्कान कक्षा चार में पड़ रही है जबकि 9 वर्ष बुसरा कक्षा दो में पड़ रही है इधर शरीफ खान की मौत के बाद ग्रामीणों व सरपंच प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता तथा एक परिवार जनों को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है।

ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं होने के कारण नहीं हुआ शव का अंतिम संस्कार।
ग्रामीणों ने बताया कि हमारी मांगे पूरी नहीं होने तक हम शरीफ के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे ग्रामीणों का कहना है मृतक शरीफ को शहीद का दर्जा दिया जाए और शहीदों के पैकेज मैं शामिल कर पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए, व एक पेट्रोल पंप व, एक सरकारी नौकरी परिवारजनों को मिलनी चाहिए।

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