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Tuesday, September 3, 2019

भरतपुर - गाड़ी पर नाम-जाति या पद लिखा ताे दो हजार रुपए जुर्माना होगा



भरतपुर। वाहनाें की नंबर प्लेट पर अपनी जाति लिखने वालों की अब खैर नहीं। 
अब वाहन मालिक अपने निजी वाहनों पर अपना नाम, पद, जाति, भूतपूर्व पद या संगठनों के पदों का नाम, गांव का नाम तथा विभिन्न चिह्न नहीं लिखवा सकेंगे। 
इस संबंध में पुलिस मुख्यालय एसपी ट्रैफिक चूनाराम जाट ने सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस कमिश्नर और रेंज आईजी को मंगलवार काे एक पत्र लिखा है। वाहनाें पर नाम, पद, जाति, भूतपूर्व पद या संगठनों के पदों का नाम, गांव का नाम लिखा मिला ताे एमवी एक्ट के अनुसार 2 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। 
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार वाहनों पर लिखवाए गए विभिन्न चिह्न, स्लोगनों की वजह से अन्य वाहन चालकों का ध्यान भंग होता है। इससे सड़क दुर्घटना होने की आशंका रहती है। गृह (सुरक्षा) विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव रवि शर्मा ने 20 अगस्त को डीजीपी भूपेन्द्र सिंह यादव को एक पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नंबर प्लेट के नियम-कायदे तय हैं। 
नॉन कमर्शियल वाहन की नंबर प्लेट का बैकग्राउंड सफेद कलर का होना चाहिए और इस पर नंबर काले रंग से लिखे होना चाहिए। 

 नंबर प्लेट पर कोई भी चिह्न, किसी पार्टी का साइन, नाम, जाति या कोई भी चीज नहीं लिखी होनी चाहिए। 


 नंबर दूर से साफ दिखे। फॉन्ट भी आड़े-टेड़े नहीं होने चाहिए। 

 नंबर हमेशा प्रचलित भाषा के शब्दों में ही लिखे जाना चाहिए। 

 कमर्शियल वाहनों में नंबर प्लेट का बैकग्राउंड पीले रंग का होना चाहिए और उस पर नंबर काले रंग से लिखे होना चाहिए। 

 इस पर नंबर प्लेट को लेकर वो सभी नियम लागू होते हैं जो नॉन कमर्शियल वाहनों पर लागू होते हैं। 

 गाड़ी में किसी प्रकार का मोडिफिकेशन भी स्वीकार नहीं है। 

मुख्यमंत्री को चिट्‌ठी लिखकर बताया था, गाड़ियां जातिवाद फैला रही हैंं 

नागरिक अधिकार संस्था की सिफारिश पर गृह विभाग ने इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को 20 अगस्त को आदेश जारी किए थे। अब पुलिस मुख्यालय से सभी पुलिस अधीक्षकों, रेंज आईजी व पुलिस कमिश्नरेट के लिए आदेश जारी किए। 
नागरिक अधिकार संस्था के महासचिव सुरेश सैनी ने 9 अगस्त 2019 को एक पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा था। 
बताया था कि कई लोग अपने वाहनों पर अपना नाम, जाति, संगठनों का पद नाम, विभिन्न चिह्न, भूतपूर्व पद, गांव के नाम लिखवाकर दुरुपयोग कर रहे हैं। 
इस परंपरा से जातिवाद भी पनप रहा है। 

 पुलिस मुख्यालय से एक अादेश मिला है। उनकी पालना की जाएगी। 
अब वाहन मालिक अपने निजी वाहनों पर अपना नाम, पद, जाति, भूतपूर्व पद या संगठनों के पदों का नाम, गांव का नाम लिखवाएंगे ताे कार्रवाई करेंगे।

हैदरअली जैदी, 

पुलिस अधीक्षक, भरतपुर

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