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Sunday, September 8, 2019

भरतपुर - सीनियर्स करते थे रैगिंग, मैनेजमेंट करता रहा नजरंदाज, सीसीटीवी में दिखा पूरा वाक्या तो गार्ड भी किया सस्पेंड



भरतपुर। जिले के गर्वमेंट मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के दूसरे बैच वर्ष 2019 के बच्चों का प्रवेश हो चुका है और क्लास शुरू हो गई हैं। जहां पहले बैच वर्ष 2018 के प्रवेशित सीनियर स्टूडेंट्स खुलेआम नए प्रवेशित बच्चों की रैगिंग कर रहे हैं। वह भी काॅलेज प्रशासन के लगाए गए सीसीटीवी कैमरे व भारी संख्या में तैनात किए गए गार्डों की मौजूदगी में हिम्मत कर रहे हैं, जिसे नजरंदाज किया जा रहा है। इन सीनियर्स स्टूडेंट्स की कारगुजारी तब उजागर करनी पड़ी, जब वह काॅलेज प्रशासन पर ही हावी होने लगे और वर्ष 2018 के पूरे बैच को 30 दिन के लिए सस्पेंड करना पड़ा है। 
शुक्रवार की आधी रात को डीजे डांस पार्टी की तेज आवाज से परेशान होकर परिसर में ही रह रहे अधिकारियों ने सीनियर्स स्टूडेंट्स को बिना किसी परमिशन के ऐसा करने पर रोका। जिस पर सीनियर्स स्टूडेंट्स ने उन अधिकारियों से ही अभद्रता कर दी। इसकी उन्होंने काॅलेज प्रिंसीपल डा. रचना नारायण से शिकायत की तो स्टूडेंट्स डर गए। उन्होंने काॅलेज में सुबह 8, 9, 10 बजे की क्लासों का बहिष्कार कर दिया, जिसमें उन अधिकारी की क्लास भी शामिल थी जो रात के समय स्टूडेंट्स का आचरण व अनुशासन का पाठ पढ़ाने पहुंचे थे। उन अधिकारियों ने अभद्रता व क्लास में स्टूडेंट्स के नहीं पहुंचने पर प्रिंसीपल के सामने इस्तीफे देने तक की पेशकश कर दी थी, हालांकि वह इस्तीफा रिकार्ड पर नहीं लिया गया। परंतु काॅलेज प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। शनिवार को काॅलेज की सभी फैकल्टी प्रभारियों की बैठक ली गई, जिसके बाद काॅलेज प्रिंसीपल डा. रचना नारायण ने बैच 2018 के सभी स्टूडेंट्स को क्लास से 30 दिन के लिए सस्पेंड ही नहीं किया, बल्कि उन्हें हॉस्टल को खाली करने के आदेश दे दिए। केवल परीक्षा में बैक रहे बच्चों को ही हॉस्टल में रुकने की छूट दी गई है। स्टूडेंट्स को एक माह के लिए सस्पेंड करने से उन्हें एक माह के लिए पढ़ाई और उपस्थिति से हाथ धोना पड़ेगा। परीक्षा में उपस्थिति कम पड़ गईं तो ये भी एक संकट हो सकता है। 

स्टूडेंट परेशान, कोई होटल तो कोई प्लेटफार्म पर रुका 

अचानक काॅलेज से 30 दिन के लिए सस्पेंड करने के साथ ही हॉस्टल खाली करने के आदेश देकर स्टूडेंट्स को काॅलेज प्रशासन ने परेशानी में डाल दिया। बाहर के स्टूडेंट्स को हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर करने पर उन्हें घर लौटने के लिए न तो अचानक रेल में रिजर्वेशन मिला और न ही उन्हें बस सेवा उपलब्ध हुई। ऐसे में कोई लोकल रिश्तेदारी में तो कोई लोकल सहपाठी के पास और किसी-किसी को होटल या स्टेशन प्लेट फार्म पर रुककर ट्रेन उपलब्ध होने तक इंतजार करना पड़ा। 

काॅलेज प्रिंसीपल बोली...30 दिन के लिए सस्पेंड करने के बाद कैमरे खंगाले तो मिली रैगिंग, झूठे लगा रहे आरोप 

स्टूडेंट्स बिना अनुमति के डीजे बजा रहे थे, मना करने पर अभद्रता की और फिर क्लास का सामूहिक बहिष्कार करने पर अधिकारियों ने इस्तीफे की पेशकश भी की थी। जिसके बाद 30 दिन के लिए पूरे बैच को सस्पेंड किया और हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया। उनके अभिभावकों को सूचित किया है कि वह उन्हें ले जाएं। गार्ड को हटा दिया है। डा. रचना नारायण, प्रिंसीपल, मेडिकल काॅलेज 

एसएचओ बोले

मारपीट या रैगिंग की मेडिकल काॅलेज से न कोई सूचना है और न ही रिपोर्ट दर्ज कराई है। मेडिकल काॅलेज में किसी प्रकार की कोई घटना का मामला सामने नहीं आया है। 

दौलतराम राम गुर्जर, 
एसएचओ, सेवर थाना

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