भरतपुर - 8 साल बाद हुई थी बच्ची डॉक्टरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी नन्नी बालिका और माँ - News Desktops

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Saturday, August 17, 2019

भरतपुर - 8 साल बाद हुई थी बच्ची डॉक्टरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी नन्नी बालिका और माँ





भरतपुर। बीनारायण गेट स्थित प्रदीप हॉस्पिटल में शुक्रवार को नवजात व एक प्रसूता की मौत हो गई। 
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया और शव को अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। 
रात करीब 9 बजे बीनारायण गेट सरकूलर रोड पर महिलाओं ने बैठकर जाम लगा दिया। 
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित लोग हॉस्पीटल के दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अड़ गए और करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाए रखा। 
अस्पताल में चले हंगामा से अन्य मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वह प्रसूता को देखे गए तो हॉस्पीटल स्टाफ ने भी उनके साथ हाथापाई की और एक युवक के हाथ में चाकू मार दिया, जिसका उपचार आरबीएम अस्पताल में कराया गया। 
बताया जा रहा है गर्भवती महिला ने आठ साल में पहली बार बच्चे कोे जन्म दिया था। नदबई क्षेत्र के गांव कटरा हाल सुभाष नगर भरतपुर निवासी फूलवती को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजनों ने सुबह 10 बजे प्रदीप हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 

जहां दोपहर करीब 3 बजे चिकित्सक महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले गए। प्रसव करीब 4.15 बजे हुआ और इस दौरान चिकित्सकों की लापरवाही से नवजात बालिका की मौत हो गई। 
शाम करीब 6 बजे परिजन उसके शव को दफनाकर आए तो पता चला प्रसूता को भी आईसीयू में भर्ती कर लिया है। 
जहां महिला ने भी दम तोड़ दिया। हॉस्पिटल संचालक डॉ. माधव मयंक शर्मा ने बताया कि बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी। प्रसूता की बाद में हार्ट अटैक से मौत हुई। परिजनों को समझाया गया, इसके बाद वह संतुष्ट हो गए। 
उन्होंने पुलिस को कोई शिकायत नहीं की। हॉस्पिटल के स्टाफ ने परिजनों से की हाथापाई 
दोनों मां-बेटी की मौत के बाद परिजनों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने चिकित्सालय में हंगामा खड़ा कर दिया। 
तभी हॉस्पीटल के स्टाफ ने परिजनों के साथ हाथापाई कर दी। इस पर महिलाओं ने रास्ता जाम कर दिया। पुलिस ने भी उन्हें खदेड़ने के लिए लाठी चलाईं। रात करीब 9 से 10.30 बजे तक डेढ़ घंटे जाम लगा रहा। 
फिर पुलिस के चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।

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