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Tuesday, May 21, 2019

बयाना - 11वीं बरसी पर गुर्जर समाज की 23 मई को होगी श्रद्धांजलि सभा

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धारा 144 में धरना छोड़ वार्ता के जरिए निकालें समस्या का हल

बयाना। गुर्जर सहित एमबीसी वर्ग के बेरोजगार युवा अभ्यार्थियों की ओर से सरकारी भर्तियों में शेष रहे 4 प्रतिशत रिजर्व पदों पर नियुक्ति देने की मांग को लेकर पीलूपुरा कारबारी स्मारक स्थल पर शुरु हुआ अनिश्चितकालीन धरना अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर मंगलवार को गुर्जर नेता हिम्मत सिंह पाड़ली ने भी पहुंच कर समर्थन जताया तथा सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 23 मई तक युवाओं की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो गुर्जर समाज आपस में चर्चा कर आंदोलन की राह पकड़ेगा। उधर, मंगलवार को एसएचओ दौलत गुर्जर व नायब तहसीलदार आशीष सारस्वत भी धरना स्थल पर पहुंचे तथा धरनार्थी युवाओं व गुर्जर नेताओं को धारा 144 के लागू होने का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने की अपील की। इस पर गुर्जर नेता पाड़ली ने साफ शब्दों में कह दिया कि सरकार को गुर्जर आरक्षण मुद्दे पर ही धारा 144 ध्यान आती है बाकी सारे काम तो आचार संहिता व धारा 144 में चालू रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कह दिया कि वे सरकार से उनकी मांग को पूरा करने को कहें, ताकि 45 डिग्री में धरना दे रहे बेरोजगार युवाओं को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि समाज के युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांग के लिए धरना दे रहे हैं। 


समझौता वार्ता की पालना कर न्याय करे सरकार 

धरना स्थल पर ही पत्रकारों से वार्ता करते हुए गुर्जर नेता हिम्मत सिंह पाड़ली ने कहा कि 15 अप्रैल को अधिकारियों से हुई वार्ता में आचार संहिता हटने के बाद प्रक्रियाधीन भर्तियों में 5 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इस बीच गत 8 मई को रीट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। वहीं आरपीएससी ने रेंजर भर्ती प्रक्रिया की संशोधित विज्ञप्ति जारी कर पांच प्रतिशत आरक्षण को एक प्रतिशत कर दिया। इसी तरह नर्सिंग भर्ती परीक्षा में भी शेष चार प्रतिशत पदों पर छाया पद सृजित नहीं किए गए। इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं तथा बेरोजगार युवाओं में आक्रोश बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 23 मई तक सरकार ने सुनवाई नहीं की तो पीलूपुरा से ही आंदोलन का बिगुल बज सकता है। एक सवाल के जबाव में पाड़ली ने कहा कि कर्नल बैंसला ही आरक्षण आंदोलन के जनक हैं लेकिन राजनीतिक दल में शामिल होने के बाद से अब वे सामाजिक से राजनैतिक व्यक्ति हो गए हैं। जबकि आरक्षण की लड़ाई सामाजिक मंच से ही लड़ी जाएगी। 

23 मई को होगी श्रद्धांजलि सभा 

पीलूपुरा आंदोलन की 11वीं बरसी पर गुर्जर समाज की ओर से कारबारी स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। गुर्जर नेता भूरा भगत ने बताया कि सुबह 10 बजे आंदोलन के मुखिया कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला की मौजूदगी में समाज के लोग आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए समाज के लोगों को श्रद्धाजंलि देंगे।

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