भरतपुर - नींद की झपकी आने पर बस और ट्रक में भिड़ंत, चालक की मौत - News Desktops

Breaking

Thursday, April 25, 2019

भरतपुर - नींद की झपकी आने पर बस और ट्रक में भिड़ंत, चालक की मौत



बताया जा रहा है कि चालक को बिना रेस्ट दिए ड्यूटी पर भेज दिया गया था

भरतपुर। राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसरों की लापरवाही से आज एक बड़ी घटना हो गई। 
चालक को नींद की झपकी आने से चंडीगढ़ से भरतपुर आ रही लोहागढ़ आगार की बस सुबह करीब तीन बजे एक ट्रक के पीछे से टकरा गई। 
इसमें कुम्हेर क्षेत्र के गांव तमरैर निवासी चालक वीरेंद्र की मौत हो गई। 
बताया जा रहा है कि चालक को बिना रेस्ट दिए ड्यूटी पर भेज दिया गया था।
लोहागढ़ डिपो की एक रोडवेज बस चंडीगढ़ से लौटते समय बुधवार रात पानीपत में सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। इसमें बस ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 15 सवारियां घायल हो गईं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें खानपुर पीजीआई में भर्ती कराया गया है। मृतक ड्राइवर कुम्हेर क्षेत्र का रहने वाला था। इस घटना के बाद रोडवेज के ड्राइवर, कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों में प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश फैल गया। 
घटना की खबर मिलते ही ड्राइवर-कंडक्टरों ने हीरादास बस स्टैंड पर तमाम बसें आड़ी-तिरछी खड़ी करके चक्का जाम कर दिया और बुकिंग एवं कार्यालय के ताले जड़ दिए। काफी देर तक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इधर, अचानक बसों का संचालन रुकने से बस स्टैंड पर सैकड़ों यात्री फंस गए और करी 7 घंटे तक संचालन रुका रहा। पानीपत भास्कर के मुताबिक इस हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना के बाद दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इधर, राहगीरों ने अन्य लोगों की मदद से ड्राइवर वीरेंद्र और घायल सवारियों को बस से बाहर निकाला। घायलों को प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। जहां, चिकित्सकों ने ड्राइवर वीरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। 
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोडवेज मुख्यालय ने लोहागढ़ डिपो के मुख्य प्रबंधक संचालन समेत दो लोगों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। 
जबकि कर्मचारियों की यूनियन चीफ मैनेजर को भी संस्पेंड किए जाने की मांग कर रही है। 
हादसे में ड्राइवर वीरेंद्र की मौत और कर्मचारियों के हंगामे के बाद रोडवेज प्रशासन ने भले ही दो कर्मचारियों को संस्पेंड कर दिया और चीफ मैनेजर को एपीओ कर दिया है, लेकिन इससे वीरेंद्र के परिवार को न्याय नहीं मिलता। कर्मचारियों की कमी के नाम पर रोडवेज में यूं ही यात्रियों और ड्राइवरों के जीवन से खिलवाड़ होता रहेगा, जब तक इस मौत के असली गुनाहगारों को सजा नहीं मिलेगी। 

इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए, बचाने की कोशिश की थी 


कंडक्टर घनश्याम सिंह की ओर से चांदनी बाग थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक बस रात को करीब 11.30 बजे 26 सवारियों को लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुई थी। लगभग 3 बजे जब बस पानीपत खादी आश्रम के सामने पहुंची तो वहां एक ट्रक बिना इंडिकेटर जलाए सड़क किनारे खड़ा था। नजदीक पहुंचने पर ड्राइवर वीरेंद्र की नजर ट्रक पर पड़ी तो उसने बस को काटने का प्रयास किया, इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी और बस ट्रक से जा भिड़ी और वीरेंद्र की मौत हो गई।

No comments:

Post a Comment