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Monday, April 22, 2019

भरतपुर - पुलिस की 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद मिथलेश गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया


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भरतपुर | शहर पुलिस ने 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद आदर्श कॉलोनी के चर्चित मिथलेश गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में गोपालगढ़ मौहल्ला निवासी रिक्शा चालक अरुण कटारा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक की पूछताछ में पता चला है कि रिक्शा अरुण कटारा मिथलेश को पहले से जानता था, क्योंकि एक-दो बार वह उन्हें रिक्शे से मंदिर भी लेकर गया था। वह पास ही स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर बैठकर अक्सर शराब पीता था, इसलिए उसे मिथलेश और परिवार के सभी लोगों की हर गतिविधि की जानकारी रहती थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की|   
सीसीटीवी फुटेज में कैद आदर्श कालोनी के रास्ते हत्या करने से पूर्व पैदल जाता हत्यारा 




  लेकिन दूसरी तरफ आरोपी के परिवार जनों ने पुलिस पर ही बेगुनाह को फ़साने का आरोप जड़ दिया है| मामले को लेकर आरोपी के भाई जीतेन्द्र व अन्य लोग सोमवार को पुलिस अधीक्षक हैदर अली जैदी से मिले पुलिस की सीसीटीवी फुटेज पर किये आकलन पर सवाल कर दिए है आरोपी के कपड़ो पर खून के निशान के सवाल पर भाई ने कहा की पुलिस स्वम भी लगा सकती है

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  भाई ने आरोप लगाया है की पुलिस ने अरुण को नशे का सेवन करा कर जबरन जुर्म कबूल करना बताया जा रहा है
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन यानि 10 अप्रैल को भी आरोपी ने सट्टे में 450 रुपए जीते थे। इन पैसों से उसने भगवान कबाड़ी की दुकान पर बैठकर शराब पी। दोपहर 12.30 बजे मिथलेश घर से निकलकर पड़ौस में गई। इसके बाद करीब 3.30 बजे उसकी बहू घर का ताला बंद करके चली गई थी। शाम करीब 5 बजे जैसे ही मिथलेश घर लौटी और टीवी खोलकर भजन सुनने लगी। इसी बीच अरुण भी मकान पर आ गया। गेट पर उसने चप्पल उतारीं और अंदर घुसने लगा। इस पर मिथलेश ने उसे डांटा, लेकिन वह नहीं माना और उसे धक्का देकर पलंग पर गिरा दिया। इस दौरान मिथलेश औऱ अरुण के बीच हाथापाई भी हुई, क्योंकि अरुण की पीठ पर खरोंच के निशान मिले हैं। हाथापाई के दौरान ही अरुण मिथलेश को घसीटकर दूसरे कमरे में ले गया और उसकी गर्दन पर चाकू से तीन-चार वार किए, जिससे वह निढाल हो गई। इसके बाद वह तब तक उस पर चाकू से वार करता रहा जब तक कि वह मर नहीं गई। आनन-फानन में अरुण को आलमारी से जो भी सामान मिला, लूटकर भाग गया।

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