कामां-मेवात क्षेत्र में ऑन लाईन ठगी करने वाले संगठित गिरोह का फर्दाफाश गिरोह के तीन सरगना गिरफ्तार,,भारी मात्रा में ठगी के अपराध से जुडी संदिग्ध सामग्री बरामद - News Desktops

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Monday, October 8, 2018

कामां-मेवात क्षेत्र में ऑन लाईन ठगी करने वाले संगठित गिरोह का फर्दाफाश गिरोह के तीन सरगना गिरफ्तार,,भारी मात्रा में ठगी के अपराध से जुडी संदिग्ध सामग्री बरामद





कामां| जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने देशभर में ऑन लाईन ठगी के नाम पर कुख्यात मेवात क्षेत्र में संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके अंतर्गत पुलिस ने तीन ऑनलाइन ठगी के तीन कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी के प्रयोग में लिया जाने वाला भारी मात्रा में संदिग्ध सामान की बरामद किया है 
जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने बताया कि इस सम्बंध में सूचनाए संकलित कर कार्ययोजना तैयार करने हेतु विगत दिनो एक विशेष टीम का गठन कर इस अपराध में संलिप्त आपराधिक तत्वों, उनकी तरीका वारदात, कार्यक्षेत्र व सहयोगियों के सम्बंध में जानकारी एकत्रित करवाये जाने पर यह तथ्य उजागर हुआ है कि मेवात क्षेत्र के अनेक गांवों विशेष रूप से झेंझपुरी, गढीझीलपट्टी, ओलन्दा, खेडा, घोघोर, पालीकी, गांवडी, पथराली, नौगांव, सबलाना, विलग, विरार, लेवडा, टायरा, उदाका तथा सीमावर्ती राज्य के नूॅंह मेवात जिले के अनेक गांवों सहित मथुरा जिले के हाथिया में मोबाईल, वाहन, इंटीरियर डेकोरेषन, होटल व्यवस्था एवं हैकर्स आदि से जुडे मामलों में विभिन्न तरीकों के माध्यम से ऑन लाईन ठगी का कारोबार चरम पर है, जिसमें नाबालिग युवकों सहित अनेक आपराधिक गिरोह इस कारोबार को संगठित रूप से अंजाम देकर देश के विभिन्न इलाकों में लोगों को बहला फुसलाकर एवं लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।सूचना संकलन के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि ऐसी ऑन लाईन ठगी के अपराध के मूल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की गई सिम का कारोबार है ऐसी सिमों के साथ पेटीएम कनेक्शन भी लिंक होता है और इन्हीं सिमों का प्रयोग इस ठगी के धंधे में होता आया है। जांच एजेन्सीज को प्रकरण के खुलासे में काफी परेशानी आती है, क्योंकि जिस व्यक्ति के द्वारा ऐसे अपराध को अंजाम दिया जाता है, उसके द्वारा अपनी कोई वास्तविक आईडी या पहचान का दस्तावेज काम में नहीं लिया जाता। विगत दिनो मेवात क्षेत्र के डीग क्षेत्र के समस्त थानों की टीम द्वारा पडाव देकर की गई सघन जांच पडताल के दौरान फर्जी सिम सप्लायर के तौर पर अब्दुल मोमिन निवासी घघवाडी का नाम मुख्य रूप से सामने आया है, जिसका सम्पर्क गोपालगढ इलाके के रमन व ओलन्दा  निवासी जावेद सहित अनेक लोगों से हैं, जिनके द्वारा अब तक फर्जी सैकडों सिम ऑंन-लाईन ठगी के करोबार में लिप्त अपराधियों को वितरित की गई हैं। ठगी से जुडे इस करोबार को जड़-मूल से समाप्त करने के उद्देश्य से फर्जी सिम सप्लायर्स की धरपकड़ के लिए वृताधिकारी कामां रायसिंह बैनीवाल व डीग   के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा किये गये सघन प्रयासों के फलस्वरूप
 अब्दुल मोमिन पुत्र बसीर जाति मेव उम्र 20 साल निवासी गॉंव घघवाडी थाना कैथवाडा जावेद पुत्र अकबर जाति मेव उम्र 23 साल निवासी ओलन्दा थाना कैथवाडा, रमन पुत्र पूरन जाति जाटव निवासी चन्दूपुरा थाना गोपालगढ, जिला भरतपुर को धरपकड़ कर  किया गया है, जिनके कब्जे से अब तक दो बैग, एक लैपटॉंप मय माउस, 4 फिंगर प्रिन्टर मशीन, 12 मोबाईल फोन, 17 बैक पासबुक, 12 ए0टी0एम0, 4 पेटीएम के एटीएम, 5 चैक बुक, 8 भामाशाह कार्ड, 4 हिसाब की कॉंपी, 1 परिचय पत्र (दिल्ली क्राईम प्रेस), 105 रैपर मय सिम, 265 सिम खुली, 11 बिल बाउचर, अन्य व्यक्तिओं के 22 फोटो, 1 डाटा कार्ड, 1 चार्जर आदि बरामद हुए हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों के विरूद्ध थाना कैथवाडा पर आपराधिक प्रकरण  दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ जारी है।

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